ITR फ़ॉर्म
ITR-1 (सहज)
सबसे आसान रिटर्न — वेतन या पेंशन, एक मकान और ब्याज जैसी आय वाले निवासी व्यक्तियों के लिए, कुल ₹50,00,000 तक।
संक्षेप में
वेतन या पेंशन, एक मकान, ब्याज — कुल आय ₹50,00,000 तक।
- ITR-1 और ITR-4 के लिए अधिकतम कुल आय
- ₹50,00,000
- ITR-1 में इक्विटी पर दीर्घकालिक लाभ की सीमा
- ₹1,25,000
क्या यह आप हैं?
- आप निवासी व्यक्ति हैं
- आपकी वेतन या पेंशन आय है
- आपके पास ज़्यादा से ज़्यादा एक मकान है
- आपको ब्याज, डिविडेंड या ₹1,25,000 तक इक्विटी दीर्घकालिक लाभ है
कर वर्ष 2025-26 के मुख्य आँकड़े
उन्हीं नियम-तालिकाओं से, जिनसे TaxCare ऐप रिटर्न फ़ाइल करता है।
- ITR-1 और ITR-4 के लिए अधिकतम कुल आय
- ₹50,00,000
- ITR-1 में इक्विटी पर दीर्घकालिक लाभ की सीमा
- ₹1,25,000
- नियत तारीख़ (कारोबार की आय नहीं, ऑडिट नहीं)
- 31-Jul-2026
ITR-1 (सहज) कौन नहीं भर सकता
आपको यह खुद तय नहीं करना है। TaxCare आपके अपने रिकॉर्ड से फ़ॉर्म चुनता है और दूसरा फ़ॉर्म लगने पर कारण भी बताता है। अगर ITR-1 से ITR-4 में से कोई फ़ॉर्म नहीं बैठता, तो टैक्स एक्सपर्ट आपके लिए फ़ाइल कर सकते हैं।
- अनिवासी और ऐसे निवासी जो साधारण निवासी नहीं हैं
- ₹50,00,000 से ज़्यादा कुल आय
- एक से ज़्यादा मकान
- ₹1,25,000 से ज़्यादा इक्विटी दीर्घकालिक लाभ
- कोई और पूंजीगत लाभ — अल्पकालिक लाभ, प्रॉपर्टी, डेट फ़ंड
- लॉटरी या घुड़दौड़ से जीत
- ₹5,000 से ज़्यादा कृषि आय
- समायोजित करने या आगे ले जाने के लिए कोई घाटा
- भारत के बाहर संपत्ति या आय
- किसी कंपनी के डायरेक्टर
- साल में कभी भी अनलिस्टेड शेयर रखना
- नकद निकासी पर काटा गया टैक्स (धारा 194N)
- स्टार्ट-अप ESOP पर टाला गया टैक्स
- किसी और की आय आपकी आय में जोड़ी गई हो (क्लबिंग)
- कारोबार या पेशे से आय
TaxCare यह कैसे करता है
सिर्फ़ वही जो ऐप आज करता है — आगे के कोई वादे नहीं।
- आपके रिकॉर्ड, अपने-आपPAN जुड़ते ही TaxCare आपका AIS, TIS और फ़ॉर्म 26AS या फ़ॉर्म 168 सीधे इनकम टैक्स पोर्टल से ले आता है।
- हर नियोक्ता का वेतन और TDSहर नियोक्ता का वेतन और उसका काटा गया टैक्स आपके रिकॉर्ड से आता है, इसलिए साल के बीच नौकरी बदलना छूटता नहीं।
- हर आँकड़े की जाँचAIS में दिखी जो आय अभी रिटर्न में नहीं है — बचत खाते का ब्याज, FD का ब्याज, डिविडेंड — वह फ़ाइल करने से पहले ढूँढकर आपको दिखाई जाती है।
- दोनों कर व्यवस्थाओं का हिसाबआपके अपने आँकड़ों पर पुरानी और नई, दोनों कर व्यवस्थाओं में टैक्स निकाला जाता है। चुनने से पहले आप फ़र्क़ देख लेते हैं।
- सही फ़ॉर्म, आपके डेटा सेTaxCare आपके रिकॉर्ड से तय करता है कि आप ITR-1, 2, 3 या 4 भरेंगे — और फ़ॉर्म बदलने पर कारण भी बताता है।
- मंज़ूरी, अपलोड, ई-वेरिफ़ाईआपकी मंज़ूरी के बिना कुछ जारी नहीं होता। आप रिटर्न आयकर पोर्टल पर अपलोड करते हैं, फिर आधार OTP से ई-वेरिफ़ाई करते हैं, और काम पूरा होने तक रिमाइंडर आते रहते हैं।
आपको क्या चाहिए
ज़्यादातर आँकड़े आपके लिए अपने-आप आ जाते हैं। ये चीज़ें तैयार रखें।
आपका PAN, आधार से जुड़ा हुआ
OTP के लिए आधार से जुड़ा या पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल
वेतन और TDS मिलाने के लिए हर नियोक्ता का फ़ॉर्म 16
पुरानी कर व्यवस्था में ली गई कटौतियों के सबूत — 80C निवेश, हेल्थ इंश्योरेंस, होम लोन ब्याज
रिफ़ंड के लिए आपके नाम का बैंक खाता, इनकम टैक्स पोर्टल पर सत्यापित
सवाल और जवाब
ITR-1 कौन भर सकता है?
वह निवासी व्यक्ति जिसकी कुल आय ₹50,00,000 तक हो — वेतन या पेंशन, एक मकान, ब्याज जैसे अन्य स्रोत, ₹1,25,000 तक इक्विटी दीर्घकालिक लाभ और ₹5,000 तक कृषि आय।
मेरे दो मकान हैं। क्या ITR-1 भर सकता हूँ?
नहीं। एक से ज़्यादा मकान होने पर ITR-2 लगता है। रिकॉर्ड में यह दिखने पर TaxCare अपने-आप फ़ॉर्म बदल देता है।
मैंने कुछ शेयर बेचे। क्या फिर भी ITR-1?
सिर्फ़ तब, जब लाभ ₹1,25,000 तक का इक्विटी दीर्घकालिक लाभ हो और कोई दूसरा पूंजीगत लाभ न हो। वरना ITR-2।
ग़लत फ़ॉर्म भर दिया तो?
विभाग उसे दोषपूर्ण मान सकता है। TaxCare में फ़ॉर्म आपके रिकॉर्ड से तय होता है, इसलिए अंदाज़ा नहीं लगाना पड़ता।
आसान आय, आसान रिटर्न। ITR-1 फ़ाइल करें।
TaxCare के साथ आपके पहले रिटर्न पर 25% की छूट। फ़ीस आपकी आय के हिसाब से: ₹1,00,000 तक की आय पर मुफ़्त, फिर ₹49 से — और कभी भी ₹1,499 से ज़्यादा नहीं।