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TaxCare

बिलेटेड रिटर्न फ़ाइल करें

31-Jul-2026 छूट गई? कर वर्ष 2025-26 के लिए आप 31-Dec-2026 तक अब भी फ़ाइल कर सकते हैं। TaxCare उसी फ़ेच और जाँच के साथ इसे तैयार करता है, और फ़ीस व ब्याज का हिसाब आपके लिए लगाता है।

संक्षेप में

नियत तारीख़ छूट गई? 31-Dec-2026 तक लेट फ़ीस के साथ फ़ाइल करें।

नियत तारीख़ (कारोबार की आय नहीं, ऑडिट नहीं)
31-Jul-2026
बिलेटेड रिटर्न की आख़िरी तारीख़
31-Dec-2026

क्या यह आप हैं?

  • आपने नियत तारीख़ तक फ़ाइल नहीं किया
  • आपको टैक्स भरना है, या रिफ़ंड लेना है
  • टैक्स कटा है और आप उसे वापस चाहते हैं
  • अभी 31-Dec-2026 नहीं निकली है

कर वर्ष 2025-26 के मुख्य आँकड़े

उन्हीं नियम-तालिकाओं से, जिनसे TaxCare ऐप रिटर्न फ़ाइल करता है।

नियत तारीख़ (कारोबार की आय नहीं, ऑडिट नहीं)
31-Jul-2026
बिलेटेड रिटर्न की आख़िरी तारीख़
31-Dec-2026
देर से फ़ाइल करने की फ़ीस
₹5,000
कुल आय ₹5,00,000 तक हो तो लेट फ़ीस
₹1,000
नियत तारीख़ के बाद बकाया टैक्स पर हर महीने ब्याज
1%

TaxCare यह कैसे करता है

सिर्फ़ वही जो ऐप आज करता है — आगे के कोई वादे नहीं।

  1. देर से, पर सही तरीक़े सेनियत तारीख़ के बाद TaxCare उसी फ़ेच और जाँच के साथ बिलेटेड रिटर्न फ़ाइल करता है, और लेट फ़ीस व ब्याज आपकी देय रक़म में जोड़ देता है।
  2. आपके रिकॉर्ड, अपने-आपPAN जुड़ते ही TaxCare आपका AIS, TIS और फ़ॉर्म 26AS या फ़ॉर्म 168 सीधे इनकम टैक्स पोर्टल से ले आता है।
  3. कर व्यवस्था के नियम आपके लिए लागूबिलेटेड रिटर्न नई कर व्यवस्था में फ़ाइल होता है — पुरानी कर व्यवस्था सिर्फ़ नियत तारीख़ तक फ़ाइल रिटर्न में चुनी जा सकती है।
  4. बकाया चुकाएँ, फिर फ़ाइल करेंजो भी टैक्स, ब्याज या फ़ीस बाक़ी है, उसका हिसाब आपके लिए होता है और रिटर्न फ़ाइल होने से पहले चुकाया जाता है।
  5. मंज़ूरी, अपलोड, ई-वेरिफ़ाईआपकी मंज़ूरी के बिना कुछ जारी नहीं होता। आप रिटर्न आयकर पोर्टल पर अपलोड करते हैं, फिर आधार OTP से ई-वेरिफ़ाई करते हैं, और काम पूरा होने तक रिमाइंडर आते रहते हैं।

आपको क्या चाहिए

ज़्यादातर आँकड़े आपके लिए अपने-आप आ जाते हैं। ये चीज़ें तैयार रखें।

  • आपका PAN, आधार से जुड़ा हुआ

  • OTP के लिए आधार से जुड़ा या पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल

  • चुकाए गए एडवांस टैक्स या सेल्फ़-असेसमेंट टैक्स के चालान

  • रिफ़ंड के लिए आपके नाम का बैंक खाता, इनकम टैक्स पोर्टल पर सत्यापित

  • भारत में इनकम टैक्स रिटर्न किसे भरना ज़रूरी है

    अगर कटौतियों से पहले आपकी आय बुनियादी छूट सीमा से ज़्यादा है, या कुछ ख़ास शर्तें लागू होती हैं (जैसे बड़ा TDS), तो रिटर्न भरना ज़रूरी है। जानें कैसे जाँचें, और ज़रूरी न होने पर भी भरना क्यों फ़ायदेमंद है।

    4 मिनट में पढ़ें26-Oct-2026 को अपडेट की गई

  • कर वर्ष क्या है? आसान शब्दों में

    कर वर्ष वे 12 महीने हैं, 1 अप्रैल से शुरू, जिनमें आपने अपनी आय कमाई, जैसे 2025-26। रिटर्न उस वर्ष के ख़त्म होने के बाद भरा जाता है। जानें यह कैसे काम करता है, आप किस वर्ष का रिटर्न भर रहे हैं, और आयकर अधिनियम, 2025 एक ही शब्द क्यों इस्तेमाल करता है।

    4 मिनट में पढ़ें26-Oct-2026 को अपडेट की गई

  • ITR की नियत तारीख चूक जाएँ तो क्या होता है?

    ITR की नियत तारीख चूकने से रास्ता बंद नहीं होता। आप देर से रिटर्न (बिलेटेड) फ़ाइल कर सकते हैं, पर लेट फ़ीस और ब्याज लग सकता है, और पुरानी कर व्यवस्था व ज़्यादातर नुक़सान का आगे ले जाना छूट जाता है। जानिए क्या बदलता है और क्या करें।

    5 मिनट में पढ़ें26-Oct-2026 को अपडेट की गई

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सवाल और जवाब

लेट फ़ीस कितनी है?

₹5,000, या कुल आय ₹5,00,000 तक हो तो ₹1,000। नियत तारीख़ के बाद बकाया टैक्स पर हर महीने 1% ब्याज भी लगता है।

क्या बिलेटेड रिटर्न में पुरानी कर व्यवस्था चुन सकते हैं?

नहीं। पुरानी कर व्यवस्था सिर्फ़ नियत तारीख़ तक फ़ाइल रिटर्न में चुनी जा सकती है, इसलिए बिलेटेड रिटर्न नई कर व्यवस्था में फ़ाइल होता है।

क्या घाटा आगे ले जा सकते हैं?

ज़्यादातर घाटा सिर्फ़ नियत तारीख़ तक फ़ाइल रिटर्न में आगे जाता है। बिलेटेड रिटर्न में यह छूट जाता है, मकान से हुए घाटे को छोड़कर।

अगर 31-Dec-2026 भी छूट जाए?

तब जोड़ने के लिए आय हो तो आप अतिरिक्त टैक्स के साथ अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) फ़ाइल कर सकते हैं। उसमें रिफ़ंड नहीं लिया जा सकता।

देर से ही सही। आज फ़ाइल करें।

TaxCare के साथ आपके पहले रिटर्न पर 25% की छूट। फ़ीस आपकी आय के हिसाब से: ₹1,00,000 तक की आय पर मुफ़्त, फिर ₹49 से — और कभी भी ₹1,499 से ज़्यादा नहीं।

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