वेतन और नौकरी · कर वर्ष 2025-26
नौकरीपेशा लोग ITR कैसे फ़ाइल करें
नौकरीपेशा व्यक्ति को फ़ाइल करने के लिए Form 16, AIS और Form 26AS या Form 168 चाहिए। जानिए सैलरी की आय कैसे निकलती है, कौन-सा फ़ॉर्म और कर व्यवस्था चुनें, विभाग के रिकॉर्ड से क्या मिलाएँ और ई-वेरिफ़ाई करके कैसे पूरा करें।
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नौकरीपेशा व्यक्ति ऐसे फ़ाइल करता है: Form 16, AIS और Form 26AS (कर वर्ष 2026-27 से Form 168) इकट्ठा करना, सैलरी की आय निकालना, दूसरी आय जोड़ना, कर व्यवस्था चुनना, टैक्स की TDS से तुलना करना, और फिर रिटर्न जमा करके 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफ़ाई करना। सरल आय वाले ज़्यादातर नौकरीपेशा लोग ITR-1 भरते हैं।
नीचे दिए आँकड़े कर वर्ष 2025-26 के लिए प्रमाणित हैं और कर वर्ष 2026-27 के लिए अनंतिम हैं, जिसमें यही आँकड़े दोहराए गए हैं।
आपको क्या चाहिए
- Form 16 हर नियोक्ता से (आयकर अधिनियम, 2025 में Form 130)। इसमें आपकी सैलरी, छूट और TDS दिखता है।
- आपका AIS और TIS, ब्याज, डिविडेंड और आपके बारे में रिपोर्ट हुई हर चीज़ के लिए।
- Form 26AS (कर वर्ष 2025-26 तक) या Form 168 (2026-27 से), यह पक्का करने के लिए कि TDS सच में विभाग तक पहुँचा है।
- बैंक के ब्याज प्रमाणपत्र, शेयर या फ़ंड के स्टेटमेंट, किराए की रसीदें और कटौतियों के प्रमाण।
- रिफ़ंड के लिए बैंक खाता नंबर (पहले से वैलिडेट किया हुआ)।
सैलरी की आय कैसे निकलती है
सैलरी की आय यानी कुल सैलरी (वेतन, सुविधाएँ और वेतन के बदले मिले लाभ), घटाइए छूट वाले भत्ते, घटाइए धारा 16 की कटौतियाँ।
मद | पुरानी कर व्यवस्था | नई कर व्यवस्था |
|---|---|---|
स्टैंडर्ड डिडक्शन | ₹50,000 | ₹75,000 |
मकान किराया भत्ते (HRA) की छूट | मिलती है | नहीं मिलती |
नियोक्ता का NPS योगदान | सैलरी का 10% तक (केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए 14%) | सैलरी का 14% तक |
मनोरंजन भत्ता (सरकारी कर्मचारी) | ₹5,000 और सैलरी के पाँचवें हिस्से में से जो कम हो | नहीं मिलता |
HRA तीन रकमों में सबसे कम होता है: आपको मिला HRA, चुकाया किराया घटा सैलरी का 10%, और मेट्रो शहर में सैलरी का 50% या बाकी जगह 40%।
नौकरी के दौरान मिलने वाली कुछ रकमें एक सीमा तक छूट वाली होती हैं। उदाहरण के लिए, 2025-26 के नियमों में ग्रेच्युटी की छूट गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹20,00,000 तक है और रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट ₹25,00,000 तक छूट वाला है। छंटनी का मुआवज़ा और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का मुआवज़ा, दोनों ₹5,00,000 तक छूट वाले हैं।
कदम दर कदम
- अपना AIS देखें और सैलरी, ब्याज, डिविडेंड और शेयर की बिक्री नोट करें। गलत एंट्री को पोर्टल पर फ़ीडबैक देकर ठीक करवाएँ।
- TDS की जाँच करें अपने Form 26AS या Form 168 से। आप केवल वही TDS क्लेम कर सकते हैं जो वहाँ दिखता है।
- सैलरी की आय निकालें Form 16 या सैलरी स्लिप से।
- दूसरी आय जोड़ें: ब्याज, किराया, कैपिटल गेन।
- फ़ॉर्म चुनें। सैलरी, एक मकान, ब्याज और सूचीबद्ध शेयरों पर ₹1,25,000 तक का लंबी अवधि का कैपिटल गेन हो तो ITR-1। नहीं तो ITR-2। देखें कौन-सा ITR फ़ॉर्म भरें।
- कर व्यवस्था चुनें। दोनों का हिसाब लगाएँ। कारोबारी आय न हो तो आप हर साल रिटर्न में चुनते हैं; पुरानी कर व्यवस्था नियत तारीख तक फ़ाइल हुए रिटर्न में ही चुननी होगी। देखें पुरानी बनाम नई कर व्यवस्था।
- कटौतियाँ भरें अगर आपने पुरानी कर व्यवस्था चुनी है, उनके ब्योरे के साथ। देखें हर कटौती के लिए कौन-से प्रमाण चाहिए।
- टैक्स की TDS से तुलना करें। अगर टैक्स ज़्यादा है, तो जमा करने से पहले सेल्फ़-असेसमेंट टैक्स भरें। अगर TDS ज़्यादा है, तो फ़र्क आपका रिफ़ंड है।
- जमा करें और 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफ़ाई करें।
इन बातों की ज़रूर जाँच करें
- दो नियोक्ता। दोनों को दिखाएँ। पिछले नियोक्ता से Form 16 माँगें।
- पर्क्विज़िट और ESOP। नियोक्ता की स्टॉक ऑप्शन योजना से मिले शेयर आपकी सैलरी में पर्क्विज़िट माने जाते हैं (1961 के अधिनियम की धारा 17(2)(vi))। अगर किसी पात्र स्टार्ट-अप नियोक्ता ने उन पर टैक्स टाल रखा है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते।
- नियोक्ता से HRA न मिलने पर चुकाया किराया। पुरानी कर व्यवस्था में धारा 80GG उन महीनों के लिए ये तीन रकमें देखती है और जो सबसे कम हो वह देती है: ₹5,000 प्रति माह, कुल आय का 25%, और चुकाया किराया घटा कुल आय का 10%। नई कर व्यवस्था में यह उपलब्ध नहीं है।
- वह ब्याज जो Form 16 में नहीं होता। सेविंग्स और FD का ब्याज आपको खुद दिखाना होता है।
- विदेशी संपत्ति या आय। इनके लिए ITR-2 और अतिरिक्त शेड्यूल चाहिए।
नियत तारीख और देर से फ़ाइल करना
कर वर्ष 2026-27 के लिए सामान्य तारीख 31-Jul-2027 है, जब तक बढ़ाई न जाए। देर से रिटर्न भरने पर ₹5,000 की फ़ीस लगती है (अगर कुल आय ₹5,00,000 या उससे कम है तो ₹1,000) और बकाया टैक्स पर हर महीने 1% ब्याज लगता है, और TaxCare के नियमों के अनुसार देर से भरे रिटर्न में पुरानी कर व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती। देखें ITR की नियत तारीखें।
फ़ाइल करने के बाद
ई-वेरिफ़ाई करें (आधार OTP सबसे तेज़ है) और फिर प्रोसेसिंग देखते रहें। देखें अपना ITR कैसे ई-वेरिफ़ाई करें और रिफ़ंड की स्थिति और देरी।
TaxCare कैसे मदद करता है
TaxCare एक OTP के बाद पोर्टल से आपकी सैलरी, TDS, AIS और Form 26AS या Form 168 ले आता है, फ़ॉर्म चुनता है, पुरानी और नई कर व्यवस्था की तुलना करता है और जमा करने से पहले आपके आँकड़ों को विभाग के आँकड़ों से मिलाता है। यह ई-वेरिफ़ाई के रिमाइंडर भेजता है ताकि रिटर्न अधूरा न रह जाए। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी फ़ाइल नहीं होता। आप माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए भी फ़ाइल कर सकते हैं। देखें कीमतें, या आपकी स्थिति अलग हो तो किसी टैक्स एक्सपर्ट से पूछें।
यह गाइड सामान्य जानकारी देती है, पेशेवर कर सलाह नहीं।
इस विषय पर सवाल
नौकरीपेशा व्यक्ति कौन-सा ITR फ़ॉर्म भरता है?
अगर आपकी आय सैलरी, एक मकान, ब्याज और सीमा के भीतर छोटे कैपिटल गेन से है, तो ITR-1। अगर कैपिटल गेन बड़े हैं, एक से ज़्यादा मकान हैं, विदेशी संपत्ति है या ऐसा कुछ और है, तो ITR-2।
क्या फ़ाइल करने के लिए Form 16 ज़रूरी है?
यह मदद करता है, पर अनिवार्य नहीं है। आप सैलरी स्लिप के साथ अपना AIS और Form 26AS या Form 168 इस्तेमाल कर सकते हैं। Form 16 के बिना फ़ाइल करने पर हमारी गाइड देखें।
अगर साल के बीच में नौकरी बदली हो तो?
दोनों नियोक्ताओं की सैलरी दिखाएँ। हर नियोक्ता अपना Form 16 देता है और हर नियोक्ता का TDS आपके Form 26AS या Form 168 में दिखता है।
क्या फ़ाइल करते समय मैं कर व्यवस्था चुन सकता हूँ?
हाँ। अगर आपकी कोई कारोबारी आय नहीं है, तो आप हर साल रिटर्न में ही व्यवस्था चुनते हैं, जो नियत तारीख या उससे पहले फ़ाइल हो। नई कर व्यवस्था डिफ़ॉल्ट है, और नियत तारीख के बाद पुरानी कर व्यवस्था नहीं चुनी जा सकती। नियोक्ता को बताना चुनाव नहीं माना जाता।
अपना ITR भरने के लिए तैयार हैं?
TaxCare आयकर पोर्टल से आपका AIS और TDS लाता है, हर आँकड़ा जाँचता है और वह रिटर्न भरता है जिसमें आपकी सबसे ज़्यादा बचत हो। पहली फ़ाइलिंग पर 25% छूट।