विशेष करदाता और जीवन की स्थितियां · कर वर्ष 2025-26
पेंशनभोगियों के लिए ITR: फ़ॉर्म, कटौतियाँ और सुझाव
पेंशन पर सैलरी की तरह टैक्स लगता है, स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ। फ़ैमिली पेंशन अन्य स्रोतों की आय है और उसकी अपनी कटौती है। वरिष्ठ नागरिकों को पुरानी कर व्यवस्था में ज़्यादा छूट और बचत ब्याज पर कटौती मिलती है। जानें कौन-सा ITR फ़ॉर्म लें और क्या जाँचें।
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पेंशन पर सैलरी की तरह टैक्स लगता है, इसलिए आपको स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है (2025-26 के नियमों पर पुरानी कर व्यवस्था में ₹50,000, नई कर व्यवस्था में ₹75,000)। फ़ैमिली पेंशन पर अन्य स्रोतों की आय की तरह टैक्स लगता है, और कटौती एक-तिहाई और ₹15,000 (पुरानी कर व्यवस्था) या ₹25,000 (नई कर व्यवस्था) में से कम वाली होती है। सरल आय वाले ज़्यादातर पेंशनभोगी ITR-1 भरते हैं।
ये आँकड़े आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कर वर्ष 2025-26 के हैं।
मुख्य आय के प्रकारों पर टैक्स कैसे लगता है
आय | मद | टिप्पणी |
|---|---|---|
पूर्व नियोक्ता से पेंशन | सैलरी | स्टैंडर्ड डिडक्शन लागू |
फ़ैमिली पेंशन | अन्य स्रोत | कटौती: एक-तिहाई और ₹15,000 (पुरानी) या ₹25,000 (नई) में से कम |
कम्यूटेड पेंशन | पूरी या आंशिक रूप से छूट | धारा 10(10A): सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी तरह छूट; दूसरों के लिए, अगर ग्रेच्युटी भी मिलती है तो कम्यूट की पूरी क़ीमत का एक-तिहाई, और नहीं मिलती तो आधा हिस्सा छूट |
जमा PF बैलेंस | 192A के तहत TDS (2025 के अधिनियम में 392(7)) | लगातार पाँच साल की सेवा से पहले निकालने पर टैक्स योग्य |
बचत और FD पर ब्याज | अन्य स्रोत | पुरानी कर व्यवस्था: 80TTB के तहत ₹50,000 तक |
मकान का किराया | हाउस प्रॉपर्टी | 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन |
वरिष्ठ नागरिकों के लाभ
ये पुरानी कर व्यवस्था में लागू होते हैं:
- ज़्यादा बुनियादी छूट: 60 से 79 साल के लिए ₹3,00,000 और 80 साल व उससे ऊपर के लिए ₹5,00,000। 60 से कम उम्र में यह ₹2,50,000 है।
- ब्याज पर कटौती: बचत और जमा के ब्याज पर धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक।
- स्वास्थ्य बीमा: धारा 80D के तहत अपने लिए ₹50,000 तक, अगर कवर में कोई वरिष्ठ नागरिक है, और वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए ₹50,000 और, कुल सीमा ₹1,00,000।
नई कर व्यवस्था में स्लैब हर उम्र के लिए एक जैसे हैं, और ये अतिरिक्त लाभ लागू नहीं होते। नई कर व्यवस्था की रिबेट ₹12,00,000 तक की आय को टैक्स-मुक्त कर देती है। दोनों कर व्यवस्थाओं की तुलना करें। देखें पुरानी बनाम नई कर व्यवस्था, धारा 80TTA और 80TTB और धारा 87A के तहत रिबेट।
क्या आपको रिटर्न भरना है?
अगर आपकी आय बुनियादी छूट सीमा से ऊपर है, तो हाँ। उससे नीचे भी, TDS का रिफ़ंड लेने के लिए रिटर्न भरना काम का है। निर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अपवाद है (1961 के अधिनियम की धारा 194P): 75 साल या उससे ज़्यादा उम्र का निवासी, जिसकी आय सिर्फ़ पेंशन और ब्याज है, जिसकी पेंशन और ब्याज एक ही निर्दिष्ट बैंक में आते हैं, उस बैंक को घोषणा दे सकता है (Form 12BBA, अब Form 125)। तब बैंक कटौतियों और रिबेट समेत टैक्स निकालकर काट लेता है, और उस साल व्यक्ति को रिटर्न भरना ज़रूरी नहीं रहता। आयकर अधिनियम, 2025 में यह कटौती धारा 393(1), तालिका क्रम संख्या 8(iii) के तहत आती है।
पढ़ें आयकर रिटर्न किसे भरना ज़रूरी है।
कौन-सा ITR फ़ॉर्म
आपकी आय | फ़ॉर्म |
|---|---|
पेंशन, फ़ैमिली पेंशन, ब्याज, एक हाउस प्रॉपर्टी, कुल आय ₹50 लाख तक, निवासी | ITR-1 |
ITR-1 की सीमा से ज़्यादा कैपिटल गेन्स, एक से ज़्यादा हाउस प्रॉपर्टी, विदेशी संपत्ति | ITR-2 |
बिज़नेस या पेशेवर आय भी | ITR-3 या ITR-4 |
देखें कौन-सा ITR फ़ॉर्म भरें।
पेंशनभोगियों के लिए ज़रूरी जाँच
- पेंशन पर TDS। आपकी पेंशन देने वाला (बैंक या पेंशन कार्यालय) सैलरी की तरह TDS काटता है। इसे Form 26AS या Form 168 में जाँचें।
- ब्याज। बैंक ब्याज की जानकारी AIS में देते हैं। बचत, FD और RD का सारा ब्याज शामिल करें।
- पेंशन के दो स्रोत। अगर दो जगह से पेंशन मिलती है, तो दोनों जोड़ें। स्टैंडर्ड डिडक्शन कुल पर एक ही बार मिलता है।
- एडवांस टैक्स। 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के निवासी, जिनकी बिज़नेस या पेशे से आय नहीं है, को एडवांस टैक्स नहीं देना होता। बाकी लोग साल का टैक्स ₹10,000 या उससे ज़्यादा होने पर तय कार्यक्रम से एडवांस टैक्स देते हैं।
- 30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई करें। आधार OTP सबसे आसान है। देखें आधार OTP से ई-वेरिफ़ाई।
माता या पिता के लिए रिटर्न भरना
कई लोग बुज़ुर्ग माता या पिता के लिए रिटर्न भरते हैं। हर व्यक्ति अपने PAN से अलग रिटर्न भरता है। TaxCare में आप माता या पिता को परिवार के सदस्य के रूप में जोड़कर उनका रिटर्न अलग से भर सकते हैं। माता या पिता को अपना रिटर्न ख़ुद ई-वेरिफ़ाई करना ही होगा; उनके आधार से जुड़े मोबाइल पर आने वाले आधार OTP से आप इसमें उनकी मदद कर सकते हैं।
TaxCare कैसे मदद करता है
TaxCare पोर्टल से पेंशन, TDS और ब्याज लाता है, पुरानी कर व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिक की छूट, 80TTB और 80D लगाता है, और दोनों कर व्यवस्थाओं की तुलना करता है। आप परिवार के सदस्य जोड़कर हर एक का रिटर्न भर सकते हैं। मामला सरल न हो तो टैक्स एक्सपर्ट उपलब्ध है। देखें टैक्स एक्सपर्ट।
यह गाइड सामान्य जानकारी देती है, पेशेवर कर सलाह नहीं।
इस विषय पर सवाल
क्या पेंशन पर टैक्स लगता है?
हाँ। पूर्व नियोक्ता से मिली पेंशन पर सैलरी की तरह टैक्स लगता है। फ़ैमिली पेंशन पर अन्य स्रोतों की आय की तरह टैक्स लगता है।
पेंशनभोगी को कौन-सा ITR फ़ॉर्म भरना चाहिए?
ITR-1, अगर आप निवासी हैं, कुल आय ₹50 लाख तक है और आय सिर्फ़ पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी, ब्याज और ऐसी ही है। दूसरे मामलों में ITR-2।
क्या वरिष्ठ नागरिकों को ज़्यादा छूट सीमा मिलती है?
पुरानी कर व्यवस्था में हाँ: 2025-26 के नियमों पर 60 साल से ₹3,00,000 और 80 साल से ₹5,00,000।
क्या बहुत वरिष्ठ पेंशनभोगी को रिटर्न भरना पड़ता है?
75 साल या उससे ज़्यादा उम्र का निवासी, जिसकी आय सिर्फ़ पेंशन और ब्याज है और दोनों एक ही निर्दिष्ट बैंक में मिलते हैं, बैंक को घोषणा दे सकता है। तब बैंक टैक्स काट लेता है और उस साल रिटर्न भरना ज़रूरी नहीं रहता।
अपना ITR भरने के लिए तैयार हैं?
TaxCare आयकर पोर्टल से आपका AIS और TDS लाता है, हर आँकड़ा जाँचता है और वह रिटर्न भरता है जिसमें आपकी सबसे ज़्यादा बचत हो। पहली फ़ाइलिंग पर 25% छूट।