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TaxCare

अपने ITR फ़ाइलिंग की स्थिति कैसे जाँचें

रिटर्न भरने के बाद तीन बातें मायने रखती हैं: रिटर्न भरा गया या नहीं, 30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई हुआ या नहीं, और प्रोसेस हुआ या नहीं। जानें हर एक को कैसे जाँचें और हर स्थिति का मतलब क्या है।

इस पेज पर

आप अपने ITR की स्थिति आयकर पोर्टल पर, या TaxCare के Download ITR और रिफ़ंड स्टेटस में देख सकते हैं। रिटर्न भरा गया, ई-वेरिफ़ाई हुआ और प्रोसेस हुआ के चरणों से गुज़रता है, और फिर, अगर आपको पैसे वापस मिलने हैं, तो रिफ़ंड जारी हुआ। सबसे अहम चरण ई-वेरिफ़िकेशन है: यह रिटर्न भरने के 30 दिन के अंदर करना होता है।

स्थितियाँ और उनका मतलब

स्थिति

मतलब

आप क्या करें

भरा गया, वेरिफ़ाई नहीं

रिटर्न जमा है पर उसकी पुष्टि नहीं हुई

30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई करें

भरा गया और वेरिफ़ाई हुआ

विभाग के पास आपका वेरिफ़ाई किया रिटर्न है

प्रोसेसिंग का इंतज़ार करें

प्रोसेस हुआ

विभाग ने उसे प्रोसेस करके इंटिमेशन भेज दिया है

इंटिमेशन पढ़ें; रिफ़ंड या डिमांड जाँचें

रिफ़ंड जारी हुआ

रिफ़ंड आपके बैंक को भेज दिया गया है

अपना बैंक खाता देखें

दोषपूर्ण या अमान्य

कोई नोटिस, या वेरिफ़ाई न करने की चूक

जवाब दें या नया रिटर्न भरें

पोर्टल ख़ुद ये शब्द इस्तेमाल करता है: Submitted and pending for e-Verification / Verification, Successfully e-Verified / Verified, Processed, Defective (धारा 139(9) के तहत नोटिस, जिसमें तय समय में उसे सुधारने को कहा जाता है) और Case transferred to Assessing Officer। रिफ़ंड के चरण रिफ़ंड स्टेटस में अलग से दिखते हैं।

स्टेप-दर-स्टेप: कैसे जाँचें

  1. रिटर्न ढूँढें। आयकर पोर्टल में साइन इन करें और उस कर वर्ष के लिए भरे गए अपने रिटर्न की सूची खोलें। या TaxCare में Download ITR खोलें, जो आपके PAN पर भरे हर रिटर्न को सबसे नए से शुरू करके दिखाता है।
  2. वेरिफ़िकेशन जाँचें। अगर लिखा है कि रिटर्न वेरिफ़िकेशन का इंतज़ार कर रहा है, तो अभी ई-वेरिफ़ाई करें। TaxCare रिटर्न भरते ही आधार OTP का विकल्प देता है।
  3. इंटिमेशन देखें। प्रोसेस होने पर विभाग धारा 143(1) के तहत इंटिमेशन भेजता है। उसे पूरा पढ़ें।
  4. नतीजा मिलाएँ। देखें कि टैक्स, रिफ़ंड या डिमांड आपकी उम्मीद से मेल खाते हैं या नहीं।
  5. कागज़ात डाउनलोड करें। पावती और भरा हुआ ITR संभालकर रखें।

ई-वेरिफ़िकेशन सबसे ज़रूरी क्यों है

जो रिटर्न समय पर वेरिफ़ाई नहीं होता, उसे कभी भरा ही नहीं माना जाता। TaxCare के नियम भी यही दिखाते हैं: बिना वेरिफ़ाई रिटर्न के लिए सिर्फ़ दो काम हैं, ई-वेरिफ़ाई करना या उसे रद्द करना। 30 दिन के बाद आगे का रास्ता यही है कि तारीख़ की इजाज़त हो तो नया रिटर्न भरें।

पोर्टल में बिना वेरिफ़ाई रिटर्न को रद्द (डिस्कार्ड) करने की सुविधा है। सावधान रहें: समय पर भरे रिटर्न को रद्द करने से उसकी भरने की तारीख़ मिट जाती है, इसलिए अंतिम तारीख़ के बाद भरा नया रिटर्न देर से भरा माना जाता है, जिसमें लेट फ़ीस लगती है और कुछ नुकसान आगे ले जाने का हक़ चला जाता है।

हमारी गाइड देखें अपना ITR ई-वेरिफ़ाई कैसे करें।

रिटर्न प्रोसेस हो गया पर कुछ गड़बड़ है

प्रोसेस हो चुके रिटर्न को भी सुधारा जा सकता है। कर वर्ष 2025-26 से, संशोधित रिटर्न कर वर्ष ख़त्म होने के बाद आने वाली 31 मार्च तक भरा जा सकता है। 31 दिसंबर के बाद संशोधन पर धारा 234I के तहत शुल्क लगता है: ₹5,000, या कुल आय ₹5,00,000 या उससे कम हो तो ₹1,000।

प्रोसेस हो जाने से संशोधन बंद नहीं होता। धारा 143(1) के तहत इंटिमेशन कोई निर्धारण नहीं है। अगर संशोधन की खिड़की बंद हो चुकी है, तो अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) संभव हो सकता है, पर वह रिफ़ंड कभी नहीं बढ़ा सकता, और देरी के हिसाब से उसमें 25%, 50%, 60% या 70% अतिरिक्त टैक्स लगता है।

कर वर्ष 2026-27 के लिए आयकर अधिनियम, 2025, जैसा वित्त अधिनियम 2026 से संशोधित है, यही नियम रखता है: कर वर्ष ख़त्म होने के 12 महीने के अंदर संशोधित रिटर्न (धारा 263(5)), वर्ष ख़त्म होने के नौ महीने से ज़्यादा बाद भरे संशोधन पर वही ₹5,000 या ₹1,000 का शुल्क (धारा 428(b)), और 48 महीने के अंदर अपडेटेड रिटर्न जिसमें 25%, 50%, 60% या 70% अतिरिक्त टैक्स लगता है (धारा 263(6) और 267(5))।

फ़ाइलिंग खुलने से पहले जाँच

भरा हुआ रिटर्न तभी होता है जब फ़ाइलिंग खुल चुकी हो, यानी कर वर्ष ख़त्म होने के बाद की 1 अप्रैल से। कर वर्ष 2026-27 के लिए 01-Apr-2027 से पहले जाँचने को कुछ नहीं है।

रिफ़ंड की स्थिति जाँचना

अगर आपको रिफ़ंड की उम्मीद है, तो प्रोसेसिंग के बाद का चरण रिफ़ंड है। देखें इनकम टैक्स रिफ़ंड की स्थिति और देरी।

TaxCare कैसे मदद करता है

रिटर्न भरने के बाद TaxCare उस पर नज़र रखता है। यह रिटर्न भरने के अगले दिन ई-वेरिफ़ाई की याद दिलाता है, और फिर 30 दिन की खिड़की में 7, 2 और 1 दिन बचने पर भी। यह पावती और भरा हुआ ITR डाउनलोड के लिए तैयार रखता है, और आप अपने जोड़े परिवार के सदस्यों की स्थिति भी जाँच सकते हैं। अगर पोर्टल कुछ ऐसा दिखाए जो आपको समझ न आए, तो टैक्स एक्सपर्ट उसे देख सकता है।

यह गाइड सामान्य जानकारी देती है, पेशेवर कर सलाह नहीं।

इस विषय पर सवाल

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा रिटर्न भर गया?

सबमिट करने के बाद आपको एक पावती संख्या और पावती (ITR-V) मिलती है। रिटर्न आपके PAN के लिए आयकर पोर्टल पर भरे गए रिटर्न की सूची में और TaxCare के Download ITR में भी दिखता है।

अगर मैंने ई-वेरिफ़ाई नहीं किया तो?

जो रिटर्न 30 दिन के अंदर वेरिफ़ाई नहीं होता, उसे कभी जमा ही नहीं किया गया माना जाता है। तब आपको नया रिटर्न भरना पड़ता है, और अंतिम तारीख़ निकल चुकी हो तो लेट फ़ीस लग सकती है।

क्या प्रोसेस हो गया का मतलब है कि मेरा रिफ़ंड आ गया?

नहीं। प्रोसेस हुआ का मतलब है कि विभाग ने रिटर्न प्रोसेस करके इंटिमेशन भेज दिया है। रिफ़ंड बाद का चरण है।

क्या मैं परिवार के किसी सदस्य की स्थिति जाँच सकता हूँ?

हाँ, अगर आपने उनका PAN अपने TaxCare खाते में जोड़ा है। उनकी स्थितियाँ अलग से दिखती हैं।

अपना ITR भरने के लिए तैयार हैं?

TaxCare आयकर पोर्टल से आपका AIS और TDS लाता है, हर आँकड़ा जाँचता है और वह रिटर्न भरता है जिसमें आपकी सबसे ज़्यादा बचत हो। पहली फ़ाइलिंग पर 25% छूट।