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इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन कैसे भरें: चरण दर चरण

इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन भरने के आठ चरण हैं: देखें कि भरना ज़रूरी है या नहीं, दस्तावेज़ जुटाएँ, सही ITR फ़ॉर्म और कर व्यवस्था चुनें, टैक्स निकालें, सबमिट करें और 30 दिन में ई-वेरिफ़ाई करें।

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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) ऑनलाइन भरना आठ चरणों की प्रक्रिया है। आप देखते हैं कि रिटर्न भरना ज़रूरी है या नहीं, दस्तावेज़ जुटाते हैं, सही ITR फ़ॉर्म और कर व्यवस्था चुनते हैं, टैक्स निकालते हैं, बकाया हो तो भरते हैं, रिटर्न सबमिट करते हैं और फिर 30 दिन के भीतर उसे ई-वेरिफ़ाई करते हैं। रिटर्न ई-वेरिफ़ाई होने के बाद ही भरा हुआ माना जाता है।

शुरू करने से पहले: कौन-सा कर वर्ष?

आपका रिटर्न उस कर वर्ष का होता है जिसमें आपने आय कमाई। कर वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है। 01-Apr-2026 से 31-Mar-2027 के बीच कमाई गई आय कर वर्ष 2026-27 की है, और उसका रिटर्न साल ख़त्म होने के बाद, 01-Apr-2027 से भरा जाता है।

अगर आप यह अप्रैल 2027 से पहले पढ़ रहे हैं, तो अभी जो रिटर्न आप भर सकते हैं, वह ज़्यादातर कर वर्ष 2025-26 का होगा। उस रिटर्न की सामान्य अंतिम तारीख़ 31-Jul-2026 थी, इसलिए अब भरा गया रिटर्न विलंबित रिटर्न है। इसका मतलब जानने के लिए ITR की अंतिम तारीख़ों वाली हमारी गाइड देखें।

आठ चरण

1. देखें कि रिटर्न भरना ज़रूरी है या नहीं

बुनियादी छूट सीमा से ज़्यादा आय वाले ज़्यादातर लोगों को रिटर्न भरना होता है। कुछ लोगों को कम आय होने पर भी भरना पड़ता है। आगे बढ़ने से पहले हमारी गाइड "इनकम टैक्स रिटर्न किसे भरना चाहिए" पढ़ें।

2. दस्तावेज़ जुटाएँ

आम तौर पर आपको ये चाहिए होंगे:

  • आपका PAN और आधार, और आधार से जुड़ा आपका मोबाइल नंबर।
  • नौकरी करते हैं तो आपके नियोक्ता से Form 16।
  • आपका AIS और TIS, जिनमें आपके PAN पर रिपोर्ट की गई आय और लेन-देन दिखते हैं।
  • Form 26AS (कर वर्ष 2025-26 तक) या Form 168 (कर वर्ष 2026-27 से), जिनमें आपके नाम पर कटा या जमा हुआ टैक्स दिखता है।
  • बैंकों के ब्याज प्रमाणपत्र, और अगर आपने शेयर या म्यूचुअल फ़ंड बेचे हैं तो उनके स्टेटमेंट।
  • जिन कटौतियों का दावा करना है उनके प्रमाण, जैसे बीमा प्रीमियम या होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र।

3. सही ITR फ़ॉर्म चुनें

कौन-सा फ़ॉर्म चलेगा, यह आपकी आय के प्रकार पर निर्भर करता है। एक मकान और सरल निवेश के साथ वेतन हो तो आम तौर पर ITR-1 होता है। कैपिटल गेन या एक से ज़्यादा मकान हों तो आम तौर पर ITR-2। कारोबार या पेशे की आय हो तो ITR-3 या ITR-4। हमारी गाइड "कौन-सा ITR फ़ॉर्म भरें" इसे विस्तार से समझाती है।

4. अपनी कर व्यवस्था चुनें

आपका टैक्स दो तरह से निकाला जा सकता है: पुरानी कर व्यवस्था और नई कर व्यवस्था। दोनों में टैक्स निकालें और जो कम हो उसे चुनें। हमारी गाइड "पुरानी बनाम नई कर व्यवस्था" बताती है कि यह कैसे करें।

5. अपनी आय और टैक्स निकालें

हर मद के तहत अपनी आय जोड़ें: वेतन, मकान की संपत्ति, कैपिटल गेन, कारोबार या पेशा, और अन्य स्रोत। फिर अपनी कर व्यवस्था में जो कटौतियाँ मिलती हैं, उन्हें घटाएँ। इसके बाद टैक्स की तुलना उस रक़म से करें जो TDS के रूप में कट चुकी है या एडवांस टैक्स के रूप में जमा हो चुकी है।

  • अगर अब भी टैक्स बाक़ी है, तो सबमिट करने से पहले उसे सेल्फ़-असेसमेंट टैक्स के रूप में भरें।
  • अगर देय टैक्स से ज़्यादा जमा हुआ है, तो फ़र्क़ आपका रिफ़ंड है।

6. रिटर्न भरें और सबमिट करें

अपनी आय, कटौतियाँ, भरा हुआ टैक्स और बैंक खाते का ब्योरा डालें। वह खाता चुनें जिसमें रिफ़ंड चाहिए। सबमिट करने से पहले हर आँकड़ा अपने Form 16, AIS और Form 26AS या Form 168 से मिला लें।

आपके रिटर्न और विभाग के रिकॉर्ड में फ़र्क़ होना, आगे चलकर नोटिस आने की आम वजह है।

7. 30 दिन के भीतर ई-वेरिफ़ाई करें

सबमिट करने के बाद रिटर्न को वेरिफ़ाई करें। सबसे तेज़ तरीक़ा आधार OTP है। दूसरे तरीक़ों में बैंक या डीमैट खाते का EVC और नेट बैंकिंग शामिल हैं। हमारी गाइड "ITR ई-वेरिफ़ाई कैसे करें" में हर तरीक़ा समझाया गया है।

8. प्रोसेसिंग और रिफ़ंड पर नज़र रखें

वेरिफ़ाई होने के बाद विभाग आपका रिटर्न प्रोसेस करता है और इंटिमेशन भेजता है। अगर आपका रिफ़ंड बनता है, तो वह आपके वैलिडेटेड बैंक खाते में आता है।

अगर कोई ग़लती हो जाए तो?

आप भरे हुए रिटर्न को सुधार सकते हैं। संशोधित रिटर्न से ग़लतियाँ ठीक होती हैं, और अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) बाद में अतिरिक्त टैक्स के साथ भरा जा सकता है। नियम और तारीख़ें कर वर्ष के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए भरोसा करने से पहले जाँच लें।

इन आम ग़लतियों से बचें

  • AIS देखे बिना रिटर्न भरना, जिससे बैंकों या ब्रोकरों द्वारा रिपोर्ट की गई आय छूट जाती है।
  • ई-वेरिफ़ाई करना भूल जाना।
  • ग़लत ITR फ़ॉर्म चुनना।
  • ऐसा बैंक खाता डालना जो वैलिडेटेड नहीं है। रिफ़ंड सिर्फ़ ऐसे खाते में आता है जो आपके PAN से जुड़ा हो, पोर्टल पर पहले से वैलिडेट हो और रिफ़ंड के लिए नामित हो। अगर वैलिडेशन अभी बाक़ी है, तो बैंक के उसे पूरा करने तक रिफ़ंड रुका रहता है।

TaxCare कैसे मदद करता है

OTP से आपकी पुष्टि के बाद, TaxCare आयकर पोर्टल से आपका Form 26AS या Form 168, AIS और TIS एक जगह ले आता है। वह आपके डेटा से ITR फ़ॉर्म चुनता है, दोनों कर व्यवस्थाओं में टैक्स निकालता है और फ़र्क़ दिखाता है। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी सबमिट नहीं होता। रिटर्न भरने के बाद हम आपको ई-वेरिफ़ाई की याद दिलाते हैं और आपके रिफ़ंड पर नज़र रखते हैं।

अगर आपका मामला उलझा हुआ है, तो आप उसी रिटर्न पर TaxCare के टैक्स एक्सपर्ट को काम सौंप सकते हैं।

यह गाइड सामान्य जानकारी देती है, पेशेवर कर सलाह नहीं।

इस विषय पर सवाल

रिटर्न भरने के बाद ई-वेरिफ़ाई करने के लिए कितना समय मिलता है?

रिटर्न भरने की तारीख से 30 दिन मिलते हैं। जो रिटर्न समय पर ई-वेरिफ़ाई नहीं होता, उसे ऐसा माना जाता है जैसे वह कभी भरा ही नहीं गया।

क्या मैं अपने फ़ोन पर रिटर्न भर सकता हूँ?

हाँ। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसलिए फ़ोन काफ़ी है, बशर्ते आपके पास दस्तावेज़, PAN और OTP के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर हो।

कर वर्ष 2026-27 के लिए रिटर्न भरना कब शुरू होता है?

किसी कर वर्ष के ख़त्म होने के बाद आने वाली 1 अप्रैल से उसका रिटर्न भरना शुरू होता है, इसलिए कर वर्ष 2026-27 का रिटर्न 01-Apr-2027 से भरा जा सकता है।

अगर कर वर्ष 2025-26 की अंतिम तारीख निकल चुकी हो तो?

आप अब भी विलंबित रिटर्न भर सकते हैं, पर उस पर विलंब शुल्क और ब्याज लगेगा। तारीख़ें और रक़म जानने के लिए ITR की अंतिम तारीख़ों वाली हमारी गाइड देखें।

अपना ITR भरने के लिए तैयार हैं?

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